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अनुशरणकर्ता

29 Nov 2010

सिलसिला


मेरा जाना न होता, उनका आना न होता 
न होता सिलसिला तो फिर ये फ़साना न होता 

अगर मिल जाती मुझे एक नज़र चाहत की 
तो ये एच. डी. कभी, बेगाना न होता 

अगर न देखता उनकी खिलती हुई मुस्कान 
तो ये भंवरा कलियों का दीवाना न होता

जाने कब हो गया होता फ़ना इस दुनिया से 
गर उनकी यादों का आशियाना न होता